भारतीय रेलवे ने लगाया नया 10MW का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट, जानिए डिटेल

भारतीय रेलवे ने लगाया नया 10MW का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट

भारत में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे ने अपना पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाकर महत्वपूर्ण कंट्रीब्यूशन दिया है। यह प्लांट पश्चिमी घाट में इगतपुरी झील पर लोकेटेड है। फ्लोटिंग सोलर प्लांट से न केवल रेलवे को अपनी एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी बल्कि पर्यावरण को साफ़ रखने में भी योगदान मिलेगा। इस आर्टिकल में हम बात करेंगे भारतीय रेलवे के नए फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के बारे में।

भारतीय रेलवे ने लगाया नया ग्रीन एअर्थ फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट

भारतीय रेलवे ने लगाया नया 10MW का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट, जानिए डिटेल्स
Source: Mibet Energy

भारत सरकार ने सोलर एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई इम्पोर्टेन्ट स्टेप उठाए हैं इस पहल को सपोर्ट करने के लिए कई योजनाएं शुरू करी हैं। अब, भारतीय रेलवे ने इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के साथ हाथ मिलाया है। इसका लक्ष्य 2030 तक ग्रीन रेलवे बनाना है। इसे हासिल करने के लिए भारतीय रेलवे ने सोलर एनर्जी सेक्टर में काम करना शुरू कर दिया है। ग्रीन अर्थ इनिशिएटिव के तहत कई रेलवे स्टेशनों की रूफटो पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिसमें फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाना भी शामिल है।

सोलर प्लांट की कैपेसिटी

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सेंट्रल रेलवे ने महाराष्ट्र में इगतपुरी झील पर 10 मेगावाट कैपेसिटी का सोलर प्लांट इंस्टॉल किया है। इस इंस्टालेशन का उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स को बढ़ावा देना, सोलर एनर्जी का उपयोग करना और विंड एनर्जी रिसोर्स को शामिल करना है।

ऑफिसियल ने बताया कि जीरो कार्बन एमिशन को हासिल करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने रेलवे स्टेशनों और बिल्डिंग की छतों पर सोलर पैनल लगाना शुरू कर दिया है जिसका लक्ष्य 2030 तक पूरा करना है। रेलवे ने 12.05 मेगावाट सोलर एनर्जी प्लांट इंस्टॉल किए हैं जिनमें से 4 मेगावाट पिछले साल ही चालू किए गए थे। इस साल 7 मेगावाट सोलर पावर प्लांट सेटअप करने की योजना है।

यह परियोजना 2.5 लाख पेड़ लगाने के बराबर है जो वायु प्रदूषण को कम करने और बायोडाइवर्सिटी को बढ़ावा देने में मदद करती है। भारतीय रेलवे की मंथली पावर कंसम्पशन 246.62 मिलियन यूनिट (MUs) है जिसमें से 236.92 MU (96%) ट्रेन ऑपरेशन के लिए है जबकि 9.7 MU (4%) नॉन-ट्रैक्शन पर्पस के लिए है। अगर सभी सोलर पप्लान्ट चालू हो जाएं तो इस एनर्जी का 70% सोलर एनर्जी से आएगा। ऐसे रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट को लागू करके भारतीय रेलवे एक सस्टेनेबल और एनवायर्नमेंटल फ्रेंडली फ्यूचर की डायरेक्शन पर आगे बढ़ रहा है और अपने कार्बन फुटप्रिंट को काफी कम कर रहा है।

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