जरुरी जानकारी! जानिए क्या है आपके लिए बढ़िया Solar Inverter या PCU

सोलर इन्वर्टर और सोलर PCU में अंतर जानिए

पावर जनरेशन के लिए सोलर इक्विपमेंट का उपयोग इसके पर्यावरणीय लाभों के कारण तेजी से बढ़ रहा है और पॉपुलर हो रहा है। सोलर पावर सिस्टम बिना किसी प्रदूषण के स्वच्छ बिजली का प्रोडक्शन करते हैं जो उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक और एनर्जी-सेविंग करने वाले व्यक्तियों के लिए एक शानदार विकल्प बनाता हैं। सोलर इक्विपमेंट इंस्टाल करके वे कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करने में योगदान देते हैं। इस आर्टिकल में हम बात करेंगे क्या अंतर है एक सोलर इन्वर्टर और एक सोलर PCU में।

सोलर इन्वर्टर

अपने घर पर सोलर इन्वर्टर लगवाएं या सोलर PCU, दोनों में क्या फर्क होता है जानिए
Source: Havells India

सोलर इन्वर्टर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो सोलर पैनल द्वारा जनरेट किया किए गए डायरेक्ट करंट को अल्टरनेटिंग करंट में कन्वर्ट करता है। इसे PV (फोटोवोल्टिक) इन्वर्टर भी कहा जाता है। सोलर इन्वर्टर इन तीन सोर्स से बिजली प्राप्त कर सकते हैं जिसमे ग्रिड पावर, सोलर पैनल और बैटरी शामिल है। सोलर इन्वर्टर अवेलेबिलिटी के आधार पर इन सोर्स को प्राथमिकता देते हैं। वे उपलब्ध होने पर बैटरी को ऑपरेट करने और चार्ज करने के लिए ग्रिड पावर का उपयोग करते हैं।

जब ग्रिड पावर उपलब्ध नहीं होती है तो वे बैटरी को चार्ज करने के लिए सोलर पैनल बिजली का उपयोग करते हैं। अगर ग्रिड और सोलर पावर दोनों उपलब्ध नहीं हैं तो वे संग्रहीत बैटरी पावर का उपयोग करते हैं। सोलर इन्वर्टर आमतौर पर PWM (पल्स विड्थ मॉड्यूलेशन) और MPPT (मैक्सिमम पावर पॉइंट ट्रैकिंग) टेक्नोलॉजी का उपयोग करके बनाए जाते हैं। वे 3 से 5 किलोवाट के पावर लोड वाले घरों के लिए सूटेबल हैं और सभी घरेलू एप्लायंस को बिजली दे सकते हैं।

सोलर PCU (पावर कंडीशनिंग यूनिट)

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Source: Vigood Solartech

सोलर PCU सोलर इन्वर्टर का और भी ज्यादा एडवांस वर्शन है। इसे पावर कंडीशनिंग यूनिट के रूप में भी जाना जाता है। सोलर PCU मानक सोलर इन्वर्टर की तुलना में ज्यादा एडवांस फीचर्स ऑफर करते हैं और बड़े सोलर सिस्टम में उपयोग किए जाते हैं। सोलर PCU MPPT टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं जबकि ज्यादातर सोलर इन्वर्टर PWM टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं।

MPPT टेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाले सोलर PCU की एफिशिएंसी PWM टेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाले सोलर इन्वर्टर की तुलना में लगभग 30% ज्यादा है। इससे सोलर PCU बैटरी को ज्यादा तेज़ी से चार्ज करते हैं और सोलर पैनल द्वारा जनरेट की गयी बिजली का बेहतर उपयोग करते हैं। इन्हें अलग-अलग मोड में ऑपरेट किया जा सकता है जिसमे PCU मोड, हाइब्रिड मोड, और स्मार्ट मोड शामिल हैं।

PCU मोड सोलर पैनल से बिजली के उपयोग को प्रायोरिटी देता है। आप इस मोड में सोलर एनर्जी का पूरा उपयोग कर सकते हैं। हाइब्रिड मोड में ग्रिड पावर को प्राथमिकता दी जाती है उसके बाद सोलर पैनल और बैटरी को प्राथमिकता दी जाती है। इस मोड का उपयोग मुख्य रूप से बैटरी चार्ज करने के लिए किया जाता है। स्मार्ट मोड सोलर पैनल बिजली को प्रायोरिटी देता है लेकिन ज़रूरत पड़ने पर ग्रिड पावर का उपयोग किया जाता है।

निष्कर्ष

सोलर इनवर्टर आमतौर पर PWM टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं जबकि सोलर PCU MPPT टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं। सोलर PCU सोलर इनवर्टर की तुलना में लगभग 30% ज्यादा एफ्फिसिएंट होते हैं। सोलर इनवर्टर 3 से 5 kW पावर लोड वाले घरों के लिए सूटेबल होते हैं जबकि सोलर PCU का उपयोग बड़े सोलर सिस्टम में किया जाता है। सोलर PCU कई मोड (पीसीयू, हाइब्रिड, स्मार्ट) में काम कर सकते हैं जिससे ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

सोलर इन्वर्टर और सोलर PCU के बीच चुनाव आपकी खास ज़रूरतों, बजट और आपके सोलर सिस्टम के आकार पर निर्भर करता है। मॉडरेट पावर की ज़रूरत वाले घरों के लिए सोलर इन्वर्टर पर्याप्त हो सकता है। लेकिन ज़्यादा एफिशिएंसी की ज़रूरत वाले बड़े सिस्टम के लिए सोलर PCU बेहतर विकल्प होगा।

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